किलोमीटर जाना पड़ा । उसके बाद हम १०६५ लकड़ी की सीढियों के माध्यम से कनास के सबसे ऊँचे पर्वत पर चड़ने का सोभाग्य प्राप्त हुआ। उपर से कनास झील व छोटी पहाड़ियों का द्र्श्य बहुत सुंदर लगता है। मोसम भी बहुत अच्छा था । उपर से छोटे पर्वतों पर लगे पेड़ों का द्रश्य ऐसा लगरह था जैसे सिरिष्टि ने इन स्थानों पर कालीन चढ़ा दी हो। आप चीन के सिन्जिंग स्वयेत प्रदेश जाएँ और खुद अनुभव करें। अमीर ......
Tuesday, September 28, 2010
गगन को चूमती कनास पर्वत से कनास झील के चारो ओंर की पहाड़ियों का द्र्श्य....
किलोमीटर जाना पड़ा । उसके बाद हम १०६५ लकड़ी की सीढियों के माध्यम से कनास के सबसे ऊँचे पर्वत पर चड़ने का सोभाग्य प्राप्त हुआ। उपर से कनास झील व छोटी पहाड़ियों का द्र्श्य बहुत सुंदर लगता है। मोसम भी बहुत अच्छा था । उपर से छोटे पर्वतों पर लगे पेड़ों का द्रश्य ऐसा लगरह था जैसे सिरिष्टि ने इन स्थानों पर कालीन चढ़ा दी हो। आप चीन के सिन्जिंग स्वयेत प्रदेश जाएँ और खुद अनुभव करें। अमीर ......
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